चंदौलीः डीएम को सपा सहित पांच पार्टियों के नेताओं ने संयुक्त रुप से सौंपा ज्ञापन, राष्ट्रपति के नाम से था…..पूर्व आईजी व राष्ट्रीय अध्यक्ष के गिरफ्तारी से हैं आक्रोशित, रिहाई की मांग…….
जनमुद्दों को उठाने वालों का प्रदेश में हो रहा है उत्पीड़न-विपक्ष
जिलाधिकारी चंदौली के माध्यम से राष्ट्रपति भारत गणराज्य को भेजा पत्र
चंदौली। सोमवार को सपा, माकपा, भाकपा, आईपीएफ व नागरिक समाज का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति भारत गणराज्य को पत्र भेजा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में अपने राजनीतिक विरोधियों खासतौर पर जो लोग जनमुद्दों जैसे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेत मजदूर और गरीब किसानों के लिए जमीन के अधिकार के सवाल को उठाते हैं उनका हर तरह से प्रशासनिक उत्पीड़न कर रही है।

इसी सोच के तहत ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईजी एसआर दारापुरी और उनके सहयोगी पत्रकार सिद्धार्थ रामू व राजनीतिक कार्यकर्ता श्रवण कुमार निराला जैसे अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पत्र में कहा है कि आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसआर दारापुरी पत्रकार सिद्धार्थ रामू, अम्बेडकर जनमोर्चा के श्रवण कुमार निराला और गोरखपुर में अन्य की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार को राजनीतिक मान्यता और मर्यादा की भी कतई परवाह नहीं है और सीधे, सीधे कानून सम्मत कार्यवाही की जगह अपनी पसंद और नापसंद के आधार पर शासन करती है।

अन्यथा कोई कारण नहीं है कि 10 अक्टूबर 2023 को कमीशनरी प्रांगण में शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई सभा को सम्बोधित करने वाले दारापुरी जी जैसे जिम्मेदार नागरिक को दूसरे दिन गिरफ्तार करके 307 के तहत जेल भेजा जाता। उन्हें विदेशी ताकतों से सांठ गांठ करने वाले के बतौर भी पेश करने की कोशिश हो रही है जबकि उनकी नागरिकता और देशभक्ति की प्रमाणिकता दशकों तक बतौर आईपीएस प्रशासनिक भूमिका निभाने में दर्ज है।




