फोन करने के बावजूद समय पर नहीं पहुंची एंबुलेंस; नवजात की मौत- चार एंबुलेंस कर्मियों की सेवाएं समाप्त
चंदौली , पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क
नवजात की मौत मामले में आखिरकार शनिवार की देर रात एंबुलेंस कर्मी नप ही गए। जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे के एक्शन के बाद नौगढ़ में तैनात चार एंबुलेंस कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसमें दो ईएमटी (आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन) और दो चालक शामिल हैं।

डीएम ने कंपनी के कोआर्डिनेटर को भी चेतावनी पत्र जारी किया है। साथ ही जरूरतमंदों को एंबुलेंस सेवा देने में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, नौगढ़ कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 27 जून को ग्राम बाघी निवासी विजय केशरी की पत्नी रेशमा का रात में प्रसव कराया गया था। प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। ऐसे में आपातकालीन चिकित्साधिकारी ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को बाल व नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

टोलफ्री नंबर 108 व 102 पर फोन करने के बाद स्वजन एंबुलेंस का इंतजार करने लगे, लेकिन फोन करने के कई घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई और नवजात की सांसे थम गई। इसके बाद स्वजन व ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। धरना- प्रदर्शन के साथ ही स्थानीय थाना में तहरीर दी। पूरे घटनाक्रम से डीएम को मोबाइल पर अवगत कराया था। डीएम ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, तब ग्रामीण माने थे।

डीएम के निर्देश के बाद कंपनी ने 108 और 102 एंबुलेंस सेवा में पायलट के पद पर रहे वरुण पांडेय, विनोद पाल और ईएमटी संदीप पाल और नीरज पांडेय को बर्खास्त कर दिया है। नए कर्मियों की तैनाती कर एंबुलेंस संचालन की व्यवस्था की गई है।


वर्जन
डीएम के निर्देश पर शिकायत की जांच की गई। इसमें सेवामुक्त किए गए चारों कर्मी दोषी मिले। इसके बाद उनके विरुद्ध यह कार्रवाई अमल में लाई गई। आशीष सिंह, जिला प्रबंधक एंबुलेंस सेवा।


