नौकरी करने के लिए यहां गई फंसी महिलाओं ने दिल्ली के लिए भरी उड़ान, साझा किया ये दर्द….

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

कानपुर। नौकरी के लिए डेढ़ साल पहले ओमान गई पंजाब के जालंधर निवासी महिला आखिरकार डीसीपी क्राइम के प्रयास से वापस भारत लौट रही हैं। गुरुवार शाम उन्होंने ओमान से शारजाह जाने वाली फ्लाइट में उड़ान भरी और शुक्रवार सुबह शारजाह से दिल्ली पहुंच जाएंगी। यहां उन्हेंं लेने के लिए जालंधर निवासी स्वजन भी मौजूद होंगे। अब पुलिस उन्नाव कानपुर व संगरूर पंजाब आदि स्थानों की अन्य 19 महिलाओं को मुक्त कराएगी।

उन्नाव निवासी राजमिस्त्री की पत्नी की तरह जालंधर निवासी रेशमा भी नौकरी के लिए डेढ़ वर्ष पूर्व दुबई और वहां से ओमान गई थीं। आरोप है कि ओमान पहुंचने के बाद नौकरी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी की संचालिका आयशा ने बंधक बना लिया और जबरन काम पर भेजने लगी।

विरोध पर मारपीट की जाती थी। पिछले माह उन्नाव की महिला के पति ने पुलिस से गुहार लगाई थी। तो डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने कर्नलगंज निवासी मानव तस्करों को जेल भेजने के बाद महिला को ओमान से मुक्त कराया था। इसके बाद पंजाब के जालंधर व संगरूर और गोवा व चेन्नई की चार अन्य महिलाओं ने भी डीसीपी से गुहार लगाई थी। डीसीपी के प्रयास से पिछले दिनों ओमान के भारतीय दूतावास ने जालंधर की महिला रेशमा को मुक्त कराया। कोरोना जांच में महिला कोविड निगेटिव आईं और इसके बाद गुरुवार शाम उन्हेंं ओमान से शारजाह वाली फ्लाइट से शारजाह भेजा गया है।

रेशमा की बेटी ने वायस मैसेज भेजकर बताया है कि मां देर रात शारजाह से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी और शुक्रवार सुबह तक पहुंचेंगी। इधर कर्नलगंज पुलिस ने भी उन्नाव निवासी पीडि़ता के पति की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में अन्य आरोपितों का नाम बढ़ाने की तैयारी की है। थाना प्रभारी ने बताया कि कोर्ट के सामने बयान में महिला ने उन्नाव की एक महिला व उसके बेटे का नाम लिया था। उनके नाम बढ़ाए जाएंगे। उनके खिलाफ सुबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करके गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी।

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