दोस्त की भाभी से दोस्ती पड़ी भारी, मोहब्ब्त के बाद देवर ने उठाया यह खतरनाक कदम

वाराणसी के भेलूपुर में शनिवार को बिजली विभाग के संविदाकर्मी राजेश की हत्या उसके दोस्त ने ही अपने साथियों के साथ की थी। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार कर मामले के खुलासे का दावा किया। पुलिस ने उन्हें तब गिरफ्तार किया, जब वे हत्या में कथित रूप से प्रयुक्त बाइक और असलहा छिपाने की कोशिश कर रहे थे। आरोपितों के कब्जे से एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और बाइक बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक दोस्त को शक था कि उसकी भाभी और राजेश के बीच दोस्ती हैं।

एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने भेलूपुर सीओ कार्यालय में बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि हत्यारे साकेत नगर पुलिया के पास ब्रह्मानन्द कॉलोनी में घूम रहे हैं। इसके बाद एक टीम गई। वहां से दो संदिग्ध दिख रहे लेागों को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ पर दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये सुंदरपुर के कर्माजीतपुर निवासी 26 वर्षीय राजेश कुमार पटेल पुत्र रामलखन पटेल और पंचक्रोशी रोड करौंदी निवासी 25 वर्षीय रामबाबू उर्फ गोलू पुत्र राजेश हैं। पूछताछ के दौरान अभियुक्त राजेश पटेल ने बताया कि राजेश विश्वकर्मा पहले मेरा अच्छा दोस्त था। दोनों के घर आस-पास हैं, उसका आना जाना मेरे घर में था। कुछ दिनों बाद पता चला कि राजेश मेरे परिवार की भाभी से बातचीत करता है। इसपर मुझे संदेह हुआ और बाद में कई बार मैंने उन दोनों लोगों को बाहर मिलते हुए देखा। इससे मुझे गुस्सा आया, मैने राजेश को मना किया परंतु वह नहीं माना और मुझे ही मारने की धमकी देने लगा। जिसके कारण मैनें उसे मारने की साजिश रची।

ड्यूटी के समय का किया इंतजार

राजेश विश्वकर्मा रोज रात को 9.30 बजे ड्यूटी के लिए कमच्छा पावर हाउस के लिए निकलता था और खोजवां के रास्ते जाता था। ओरोपित ने बताया कि मुझे उसके आने-जाने के रास्ते व समय का पता था। शनिवार को मैंने अपने दोस्त रामबाबू को इसके बारे में बताया और कहा कि कोई गाड़ी लेकर आना और हम दोनों चलकर ये काम कर देंगे। इसके लिए रामबाबू ने अपने मामा के लड़के की अपाचे बाइक लेकर आया और हम दोनों राजेश विश्वकर्मा के ड्यूटी निकलने से पहले दूसरे रास्ते से खोजवां गये और दशमी से कुछ दूर पहले गली में मैं गाड़ी से उतर गया। रामबाबू से कहा कि तुम मेरा इंतजार करों मैं काम करके आता हूं। राजेश ने बताया कि मैं पैदल ही गली के रास्ते दशमी जाकर राजेश विश्वकर्मा का इंतजार करने लगा कि कुछ देर बाद राजेश बाइक से आता दिखा। उसके पास आते ही मैंने लोहे की रॉड से पहले उसके मुंह पर मारा, जिससे वो गिर गया। फिर मैनें पिस्टल निकालकर दो तीन राउंड उस पर गोली चलायी और वहां से गली के रास्ते रामबाबू के पास आया और हम दोनों बाइक से भाग गये।

परिजनों के साथ अस्पताल फिर थाने पहुंचा
आरोपी राजेश पटेल ने पुलिस को काफी गुमराह करने की कोशिश की। वह कानून के शिकंजे से बचने के लिए काफी जतन करता रहा। इसके लिए उसने यू-ट्यूब पर काफी सर्च किया। हत्या के दौरान वह कुर्ता और पैजामा पहनकर गया था। वारदात के बाद कुछ दूर जाकर जैकेट फहन लिया। यहीं नहीं आरोपित बाद में राजेश के परिजनों के साथ अस्पताल भी पहुंच गया। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने थाने भी गया था। आरोपित ने पुलिस को बताया कि हत्या को अंजाम दने के लिए उसने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर की मदद से 26 हजार रुपये में पिस्टल खरीदी थी। वारदात को अंजाम देने के पहले गोलियां चलाकर अभ्यास भी किया था। राजेश पटेल और राजेश विश्वकर्मा दिन में ज्यादातर समय साथ ही रहते थे। राजेश की आशनाई में हत्या होने और राजेश पटेल के हाथों मारे जाने पर किसी को यकीन नहीं हो रहा था। राजेश की सोनभद्र ले जाकर हत्या करने की साजिश दो माह पहले भी रची गई थी, लेकिन उसने सोनभद्र जाने से इनकार कर दिया था।

सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से खुला राज 
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इसके बाद मृतक के मोबाइल की सीडीआर निकाली गई। इसमें पता चला कि उसने अपने दोस्त राजेश पटेल के घर ज्यादा बातचीत की थी। इसी बीच पुलिस ने संकटमोचन के पास से मिले कुर्ता पैजामा से कद काठी का मिलान किया। यहीं से राजेश पर संदेह हो गया।

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