झांसी जिले में मऊरानीपुर क्षेत्र के अंतर्गत देवरी सिंहपुरा गांव के पास सुखनई नदी में मंगलवार की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। ताऊ के श्राद्ध के बाद नदी में तिलांजलि देने गए एक ही परिवार के पांच लोग नदी के गहरे पानी में डूब गए। गोताखोरों की मदद से पांचों के शवों को बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद से गांव और आसपास के पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। देवरी सिंहपुरा निवासी विजय तिवारी के अनुसार, 28 सितंबर को अनूप तिवारी (45) के ताऊ का श्राद्ध कार्यक्रम था। मंगलवार सुबह अनूप अपने पारिवारिक सदस्यों श्रेयांश (21), अभिनय तिवारी (26), अर्पित (12) और जालौन के हरदोई निवासी रिश्तेदार पुष्कर शुक्ला (23) के साथ सुखनई नदी पर चैक डैम के पास तिलांजलि देने व स्नान करने गए थे।
स्नान के दौरान अभिनय का अचानक पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में पांचों लोग पानी के अंदर चले गए। बताया गया कि चैक डैम के बाहर पत्थर की चट्टानें होने के कारण सभी लोगों को चोट लगी और वे डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सभी पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सभी शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
एसडीएम मनोज कुमार भारती ने बताया कि पीड़ित परिवार को सरकारी नियमानुसार आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। एक साथ एक ही परिवार के पांच चिरागों के बुझ जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और क्षेत्र में गहरी शोक की लहर फैली हुई है।
उप जिलाधिकारी मनोज कुमार भारती, पुलिस क्षेत्राधिकारी रत्नेश सिंह और कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार सोलंकी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में व्यापक खोजबीन अभियान चलाया गया, जिसके बाद एक-एक करके पांचों लोगों के शवों को बाहर निकाला गया। किसी के पैर में, किसी के सिर पर और किसी के चेहरे पर चोटें आई थीं।