चकिया- महासंकल्प के 9 वें भी रहा जोश लिया शपथ.…….पेड़ नहीं तो कल नहीं… हरियाली बचाने का संदेश लेकर मैदान में उतरे अधिकारी और छात्र
जब छात्रों ने उठाए पौधे, तो गूंज उठा संदेश— “पेड़ बचेंगे, तभी भविष्य बचेगा”
‘एक छात्र-एक पौधा’ का संकल्प
“पेड़ केवल ऑक्सीजन नहीं, आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी पूंजी हैं – शिव तपस्या पासवान
चकिया, चंदौली। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित दस दिवसीय वृक्षारोपण संकल्प अभियान के नौवें दिन शुक्रवार को विकासखंड के छुछाड़ गांव स्थित आदर्श जनता इंटर कॉलेज, चतुरीपुर परिसर में चंद्रप्रभा रेंज, काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के सहयोग से भव्य पौधरोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, वन विभाग के अधिकारियों तथा ग्रामीणों ने आम, आंवला, बेल, जामुन, अमरूद और सागौन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व स्वतंत्र निदेशक पावर ग्रिड ऑफ इंडिया एवं पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान, चंद्रप्रभा वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश दूबे, समाजसेविका डॉ. रीना तथा विद्यालय के प्रबंधक संतोष सिंह ने संयुक्त रूप से पौधरोपण कर किया। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई।
पूर्व स्वतंत्र निदेशक पावर ग्रिड ऑफ इंडिया एवं पूर्व विधायक शिव तपस्या पासवान ने कहा कि यदि धरती को रहने योग्य बनाए रखना है तो वृक्षों का संरक्षण सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। पेड़ केवल छाया और ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल, जलवायु, जैव विविधता और मानव जीवन के सबसे मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ले। यही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा
वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश दूबे ने कहा कि वृक्षारोपण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर वृक्ष बनें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए प्रत्येक परिवार को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रकृति हमें जीवन देती है, इसलिए उसकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।
समाजसेविका डॉ. रीना ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के दौर में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी समाधान है। यदि प्रत्येक परिवार अपने घर या आसपास एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पूरे क्षेत्र का पर्यावरण बदल सकता है। उन्होंने छात्रों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।









