Saturday, June 20, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चकिया – 81 साल बाद मंदिर की जमीन पर आया बड़ा फैसला, फर्जी वरासत हुई रद्द…….कोर्ट ने सुनाया बड़ा ऐतिहासिक फैसला: 60 बीघा जमीन फिर हुई रामचन्द्र-विष्णु मंदिर के नाम

शहाबगंज, चंदौली। कटवा माफी गांव स्थित रामचन्द्र मंदिर एवं विष्णु मंदिर की करीब 60 बीघा भूमि को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने फर्जी तरीके से दर्ज की गई वरासत को निरस्त करते हुए भूमि को पुनः मंदिर के नाम दर्ज करने का आदेश दिया है। फैसले के बाद गांव में खुशी का माहौल है और श्रद्धालु इसे धार्मिक संपत्ति की रक्षा की दिशा में बड़ी जीत मान रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गांव निवासी दानदाता रामस्वरूप ने वर्ष 1945 में वक्फ डीड के माध्यम से अराजी संख्या 39, 25, 52, 62, 75 एवं 77 की भूमि मंदिर की स्थापना, संचालन एवं धार्मिक कार्यों के लिए दान की थी। दानपत्र में स्पष्ट उल्लेख था कि भूमि से प्राप्त आय का उपयोग मंदिर में पूजा-पाठ, रखरखाव तथा अन्य धार्मिक गतिविधियों पर किया जाएगा। इसके संचालन के लिए एक समिति गठित करने की व्यवस्था भी की गई थी।

आरोप है कि समय बीतने के साथ दानदाता के कुछ परिजनों ने उक्त भूमि पर फर्जी तरीके से अपना नाम वरासत में दर्ज करा लिया। मामले की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान सुनीता देवी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और आपत्ति दर्ज कराई।

न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों, अभिलेखों एवं उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद शीला देवी समेत अन्य पक्षकारों की वरासत को निरस्त कर दिया। साथ ही आदेश दिया कि भूमि को मूल दानपत्र के अनुरूप रामचन्द्र मंदिर एवं विष्णु मंदिर के नाम दर्ज किया जाए।

फैसले के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि अब मंदिर की संपत्ति सुरक्षित रहेगी और भूमि से होने वाली आय का उपयोग पुनः धार्मिक, सामाजिक एवं जनहित के कार्यों में किया जा सकेगा। ग्रामीणों ने न्यायालय के इस फैसले को “सत्य और न्याय की जीत” बताया  है।

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