डीडीयू जंक्शन पर मंगलवार देर रात रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, CIB और CPDS की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली। आरपीएफ डीडीयू के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक से ₹35,33,760 की संदिग्ध नकदी बरामद की गई। टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने भारी कैश को सुरक्षित आयकर विभाग के सुपुर्द करा दिया।
घटना 2 दिसंबर 2025 की रात लगभग 10 बजे मुख्य फूट ओवरब्रिज पर चेकिंग के दौरान सामने आई। टीम की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जिसके चलने-फिरने और हरकतों से साफ था कि वह कुछ छुपाने की कोशिश कर रहा है। आरपीएफ प्रभारी के निर्देश पर उपनिरीक्षक अमरजीत दास, उपनिरीक्षक विजय बहादुर राम, आरक्षी दीपक कुमार सिंह, आरक्षी संतोष कुमार त्रिपाठी तथा जीआरपी उपनिरीक्षक संदीप कुमार शर्मा ने युवक को रोक लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम रत्नेश कुमार वर्मा (32), निवासी–रामनगर गंगासियारी, थाना मऊ आइमा, जिला प्रयागराज बताया। युवक प्रयागराज से वाराणसी कैश लेकर जा रहा था, लेकिन रकम का कोई वैध स्रोत या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। तत्काल उसे RPF पोस्ट लाकर आयकर विभाग को सूचना दी गई।
3 दिसंबर को आयकर निरीक्षक रंजीत कुमार की टीम पहुंची और युवक की मौजूदगी में नोटों की गिनती की गई—
₹500 के 7,055 नोट
₹200 के 31 नोट
₹20 के 3 नोट
कुल बरामद राशि — ₹35,33,760
पूरी नकदी को आयकर विभाग के हवाले कर दिया गया है। विभाग अब इस भारी कैश के स्रोत की जांच में जुट गया है।
आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार रावत की तीव्र सतर्कता और लीड ने ही इस बड़ी बरामदगी को संभव बनाया, जिससे रेलवे स्टेशन की सुरक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत हुई है। संयुक्त टीम की यह सफलता पूरे रेलवे सुरक्षा तंत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।