अफसरों के वित्तीय अधिकार बढ़े, अब पांच करोड़ तक के कार्यों की दे सकेंगे मंजूरी
उत्तर प्रदेश के अभियंत्रण विभागों में निर्माण कार्यों से जुड़े फैसलों के लिए अधिकारियों के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने शासनादेश जारी कर लोक निर्माण, सिंचाई एवं जल संसाधन, लघु सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण और भूगर्भ जल विभागों में वित्तीय अधिकारों का प्रतिनिधान स्पष्ट किया है।
शासनादेश के अनुसार सिविल कार्यों में अधीक्षण अभियंता पांच करोड़ रुपये तक की तकनीकी स्वीकृति दे सकेंगे। सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण समेत कुछ विभागों में यह सीमा दो करोड़ रुपये है। अधिशासी अभियंताओं को विभाग व कार्य की प्रकृति के अनुसार 80 लाख से दो करोड़ रुपये तक के तकनीकी अनुमान मंजूर करने का अधिकार होस्वीकृत लागत से अधिक खर्च पर पांच प्रतिशत तक की वृद्धि संबंधित स्तर पर मंजूर हो सकेगी। 5 से 7.5 प्रतिशत तक अधीक्षण अभियंता, 7.5 से 15 प्रतिशत तक मुख्य अभियंता या निदेशक और 15 प्रतिशत से अधिक के लिए प्रशासनिक विभाग की स्वीकृति जरूरी होगी।




