Tuesday, August 18, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

चकिया – कूड़े के पहाड़ पर चला 35 लाख का ‘सफाई हथियार’, चकिया में अब तेजी से होगा निस्तारण…….कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी निजात, 5 टन क्षमता की मशीन ने संभाली कमान.

चकिया में कूड़ा निस्तारण को मिलेगी रफ्तार, एमआरएफ सेंटर पर लगी ट्रामेल मशीन

35 लाख रुपये की लागत से पांच टन क्षमता की मशीन स्थापित, आठ लाख रुपये में तैयार हुआ फाउंडेशन; कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी निजात

चकिया (चंदौली)। स्वच्छ एवं सुंदर चकिया की दिशा में नगर पंचायत ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। कौड़िहार गांव स्थित मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर पर 35 लाख रुपये की लागत से पांच टन क्षमता की ट्रामेल मशीन स्थापित की गई है। मशीन को स्थापित करने के लिए करीब आठ लाख रुपये की लागत से फाउंडेशन तैयार कराया गया है। इसके संचालन से नगर क्षेत्र से निकलने वाले कचरे की छंटाई और निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।

नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव की देखरेख में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एमआरएफ सेंटर पर आधुनिक मशीन लगने से यहां लंबे समय से जमा कूड़े के ढेर को चरणबद्ध तरीके से हटाने में मदद मिलेगी। नगर पंचायत का लक्ष्य सेंटर परिसर में जमा कचरे के पहाड़ को जल्द समाप्त कर उसे व्यवस्थित एवं स्वच्छ बनाना है।

उपयोगी और अनुपयोगी कचरा होगा अलग

पांच टन क्षमता वाली ट्रामेल मशीन के जरिए कचरे की छंटाई की जाएगी। प्रक्रिया के दौरान उपयोगी, पुनर्चक्रण योग्य और अनुपयोगी सामग्री को अलग किया जा सकेगा। इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के उचित उपयोग में भी मदद मिलेगी। मशीन के संचालन से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरे के निस्तारण की क्षमता विकसित होगी।

नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छता का मतलब सिर्फ सड़कों और गलियों की सफाई नहीं, बल्कि निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी है। एमआरएफ सेंटर पर ट्रामेल मशीन की स्थापना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नगर पंचायत का प्रयास है कि कूड़े का बेहतर प्रबंधन कर चकिया को स्वच्छ और सुंदर बनाने के अभियान को और गति दी जाए।

उन्होंने कहा कि मशीन के संचालन से कूड़े की छंटाई, प्रसंस्करण और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। इससे नगर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ एमआरएफ सेंटर पर जमा पुराने कचरे के निस्तारण का रास्ता भी साफ होगा।

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