Tuesday, June 23, 2026
उत्तर-प्रदेशचंदौली

राजदरी – वनांचल की सरजमीं पर उमड़ा सारा जहां, राजदरी–देवदरी बने नव वर्ष के साक्षी…….कम हुए पर्यटक, राजस्व भी हुआ कम,,सैलानियों की भीड़ को देखते हुए विभाग पूरी तरह से मुस्तैद रहा। वन क्षेत्राधिकारी चंद्रप्रभा अखिलेश दूबे स्वयं पूरे दिन मौके पर मौजूद रहकर रखें…… सेल्फी लेते देखे DFO ने बताया

सेल्फी लेते दिखे पर्यटक 

पिछले 1 जनवरी 2025 से इस बार 46 पर्यटक कम आए

चकिया, चंदौली।

नव वर्ष के अवसर पर चकिया तहसील क्षेत्र का प्रसिद्ध राजदरी–देवदरी जलप्रपात सैलानियों का प्रमुख आकर्षण केंद्र बना रहा। हालांकि, बीते वर्ष की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या में हल्की कमी दर्ज की गई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 1 जनवरी को 1046 पर्यटक राजदरी पहुंचे थे, जबकि इस बार 986 सैलानी ही जलप्रपात तक पहुंचे।

सैलानियों की भीड़ को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद रहा। वन क्षेत्राधिकारी चंद्रप्रभा अखिलेश दूबे स्वयं पूरे दिन मौके पर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर बनाए रहे। सुरक्षा के दृष्टिगत प्वाइंट वार वनकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। राजदरी गेट पर पर्यटकों की सुविधा के लिए दो काउंटर बनाए गए, जिससे प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रही।

इसके अलावा, गेट पर वाहनों की सघन जांच की गई, ताकि शराब और बीयर जैसी आपत्तिजनक वस्तुएं परिसर के अंदर न ले जाई जा सकें। विभाग की सख्ती और सतर्कता का असर यह रहा कि पूरा दिन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

राजस्व के लिहाज से भी इस बार आंकड़ों में अंतर देखने को मिला। विभाग को जहां ₹74,500 के सापेक्ष ₹71,120 का ही राजस्व प्राप्त हुआ। इसके बावजूद वन विभाग की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की सैलानियों ने सराहना की।

पर्यटकों ने परिवार और दोस्तों के साथ जलप्रपात के मनोरम दृश्य के बीच सेल्फी और फोटो खिंचवाए, पिकनिक का आनंद लिया और प्रकृति की गोद में नव वर्ष की शुरुआत की। कुल मिलाकर, राजदरी–देवदरी क्षेत्र में हल्की कमी के बावजूद उत्साह और रौनक बनी रही और वन विभाग की सतर्कता से पर्यटन स्थल की गरिमा और सुरक्षा कायम रही।

काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के प्रभागीय वनाधिकारी बी शिवशंकर ने बताया कि “नव वर्ष के अवसर पर राजदरी–देवदरी जलप्रपात पर पर्यटकों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क रहा। प्वाइंट वार वनकर्मियों की तैनाती की गई थी और प्रवेश गेट पर दो काउंटर बनाकर सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की गई। किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि न हो, इसके लिए वाहनों की सघन जांच की गई, ताकि शराब या अन्य नशीले पदार्थ परिसर में न ले जाए जा सकें। विभाग का प्रयास है कि पर्यटक सुरक्षित वातावरण में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लें और आगे भी व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाएगा।”

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