उत्तर प्रदेश में 56 प्रतिशत बढ़ा कोरोना संक्रमण का कहर, हाई कोर्ट में दो तक अवकाश घोषित….
पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क
लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का संक्रमण प्रदेश में एक बार फिर से तेज गति पकड़ चुका है। इलाहाबाद हाई कोर्ट तथा लखनऊ बेंच में दो अप्रैल तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। लखनऊ में कोरोना हेल्पलाइन में भी 12 कर्मियों में संक्रमण मिलने के बाद से वहां पर खलबली मच गई है।
महाराष्ट्र, केरल, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश में एक्टिव केस 56 प्रतिशत बढऩे को लेकर सरकार हाई अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गुरुवार देर शाम लखनऊ में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। उधर कानपुर जिला जेल में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार गति पकड़े है। बीते दिनों 12 कैदी संक्रमित मिलने के बाद गुरुवार को 11 नए कैदियों में संक्रमण मिला है। यहां के जिला कारागार में एक बार फिर कोरोना बम फूटा है।
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले अब कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में हैं। प्रदेश में एक्टिव केस 53 प्रतिशत बढ़ने के साथ कोरोना वायरस का संक्रमण 16 जिलों में काफी तेजी से पांव पसार रहा है। राजधानी लखनऊ में तो लगभग हर दिन केस की संख्या बढ़ती जा रही है। मार्च में केस दोगुने बढ़े हैं जबकि बुधवार को पांच लोगों ने दम तोड़ा था। मार्च में एक्टिव केस दोगुने बढ़ गए हैं। प्रदेश में अब 4,388 एक्टिव केस हैं।
प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। मार्च में हर दिन ज्यादा मरीज मिलने का रिकार्ड बन रहा है। बुधवार को कोरोना के 737 नए संक्रमित मिले। जनवरी व फरवरी में प्रतिदिन मिल रहे रोगियों का जो ग्राफ तेजी से नीचे गिरा था अब वह फिर ऊपर की ओर बढ़ रहा है। एक मार्च को सिर्फ 87 संक्रमित थे। बुधवार को मिले मरीज इसकी तुलना में करीब आठ गुना अधिक हैं। आठ जनवरी के बाद मरीजों की यह सबसे बड़ी संख्या है। तब 775 मरीज संक्रमित थे। एक मार्च को प्रदेश में 2078 एक्टिव केस थे। जो 24 दिनों में दोगुने से अधिक बढ़कर 4388 हो गए हैं। बीते 24 घंटे में पांच और की मौत हुई। मौत का यह आंकड़ा भी दो महीने में सर्वाधिक है। 21 जनवरी को एक दिन में छह मरीजों की मौत हुई थी।


