लॉकडाउन की आशंका और होली ने बढ़ा दी शराब की खपत, कारोबारियों में स्‍टॉक को लेकर बढ़ी चिंता…..

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

वाराणसी। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से बीते वर्ष लॉकडाउन घोषित होने के बाद इस बार भी होली में कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा होते देख कर लॉकडाउन की आशंका लोगों को सताने लगी है। बीते वर्ष लॉकडाउन में शाम की दवाई तक का टोटा होने के बाद शराबियों में इस बार त्‍योहार में कई दिनों तक का स्‍टॉक जमाकर रखने की मंशा देखी जा रही है। लिमिट तय होने के बाद भी खरीद जमकर हो रही है। शराब कारो‍बारियों में भी स्‍टॉक को लेकर अब चिंता देखी जा रही है।

शराब अनुज्ञापियों के अनुसार होली में तो शराब की खपत हर साल बढ़ती रही है लेकिन बीते साल लॉकडाउन की वजह से शराब का संकट झेल चुके शौकीन इस बार बाजार में खरीद का दायरा आशंकावश बढ़ा चुके हैं। कई दिनों का स्‍टॉक लोग होली के बहाने ले‍कर लॉकडाउन की आशंका में लोग शराब की खपत बढ़ा चुके हैं। कारोबारी भी अब चिंता में हैं कि अगर लॉकडाउन की अफवाहों ने जोर पकड़ा तो कारोबार के सामने तो संकट आएगा ही साथ ही मारामारी तक की नौबत दुकानों में आ सकती है।

शराब की दुकानों की भीड़ वायरल

बीते वर्ष लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद शराब की दुकानों में लंबी भीड़ लगी नजर आ रही थी। गोल घेरे में शराब के शौकीनों की मुद्दत बाद बोतल खरीदने की खुशियां और उत्‍सव मानो सड़क पर उतर आया था। इस बार भी होली और कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से आशंकावश लोगों के बीच शराब की बोतलों को खरीदने और स्‍टॉक जमा करने की प्रवृत्ति नजर आ रही है। लोगों की भीड़ भी शाम को घरों की ओर लौटते समय शराब खरीदने को लेकर दुकानों पर नजर आने लगी है। आम दिनों की अपेक्षा अब दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।

पंचायत चुनाव की वजह से भी खपत बढ़ी

पंचायत चुनाव की आहट में ग्रामीण अंचलों में देसी शराब की भारी खपत बढ़ गई है। देसी शराब कारोबारियों के अनुसार पौवा और अद्धी के साथ ही खंभा की भी डिमांड है। पौवा जहां बांटने के लिए काम में आ रही है वहीं खंभा साथ बैठकर पार्टी की रौनक बढ़ा रही है। वहीं कच्‍ची दारू कच्‍चा वोट, पक्‍की दारू पक्‍का वोट की थीम पर चुनाव लड़ने की मंशा पाले लोग भी बल्‍क में त्‍योहार की खुमारी के साथ ही पंचायत चुनाव के लिए भी खरीद में जुटे हैं। कई कारोबारियों के अनुसार अधिकतक बल्‍क में खरीद की बुकिंग हो चुकी है तो कुछ माल उठाने की तैयारी में हैं। हालांकि, होली के दो दिन पूर्व तक ही कारोबार का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा।

धधकने लगीं देसी शराब की भट्ठियां

होली करीब आने के साथ ही अवैध शराब का अवैध धंधा भी जोर पकड़ता जा रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध देशी शराब बनाने की भट्ठियां धधकने लगी हैं। इसको बनाने वालों ने आपूर्ति के लिए पूरा नेटवर्क तैयार कर लिया है। इस काम से महिलाओं से लेकर बच्चों तक को जोड़ा गया है। ताकि कोई शक न करे। वाराणसी में चौबेपुर और बड़ागांव व फूलपुर, चोलापुर थाना क्षेत्रों में अवैध कच्ची और देशी शराब बनाने और बेचने का काम जोरों चल रहा है। अवैध शराब बनाने में यूरिया खाद से लेकर खतरनाक जानलेवा रसायन तक प्रयोग किए जाते हैं। इसकी बिक्री के लिए जिलेभर में अवैध शराब बनाने वालों ने अपना नेटवर्क तक तैयार कर लिया है। वहीं पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों का दावा है कि बड़े पैमाने पर छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी। बीते दस दिनों में पुलिस व आबकारी की सयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए जनपद में अलग.अलग थाना क्षेत्रों में 1245 लीटर अवैध शराब के साथ 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। आइजी विजय सिंह मीना व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने मंगलवार को जनपद के सभी थानेदारों के साथ यातायात लाइन सभागार में बैठक की है। इसमे आगामी त्यौहार व पंचायत चुनाव के मद्​देनजर अवैध शराब कारोबारियों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई का आदेश दिया है।

बोले आबकारी अधिकारी

अमूमन हर साल होली के मौके पर शराब की खपत में इजाफा होता रहा है। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से लॉकडाउन की आशंका और होली की वजह से सप्‍ताह भर पहले तक पांच फीसद से अधिक खपत बढ़ने की जानकारी सामने आई है। हालांकि एक दो दिन में खपत और भी बढ़ने की उम्‍मीद जताई जा रही है।

.करुणेंद्र सिंह, जिला आबकारी अधिकारी।

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