पंचायत चुनावः इतने चुनावों से 12 ब्लाक में होती रही महिलाओं की अनदेखी, नहीं मिला एक भी मौका…..

पूर्वांचल पोस्ट न्यूज नेटवर्क

आगरा। बीते पांच पंचायतों चुनाव से आगरा के 12 ब्लाकों में ग्राम प्रधान पद पर महिलाओं की अनदेखी होती रही है। इन ब्लाकों की लगभग 25 ग्राम सभाओं की कमान संभालने का मौका उन्हें नहीं मिल सका है। वर्ष 1995 से 2021 के बीच ये ग्राम पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित रहीं।

आगरा में 15 ब्लाक में चुनाव हैं। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए गत दो मार्च को जिला प्रशासन ने ग्राम, क्षेत्र, जिला पंचायत वार्ड के साथ ही ग्राम सभाओं का आरक्षण आवंटन जारी कर दिया है। वर्ष 1995 से 2021 के बीच हुए आरक्षण आवंटन के दौरान एत्मादपुर, फतेहपुर सीकरी और पिनाहट ऐसे ब्लाक रहे हैं। जिनकी हर ग्राम पंचायत इस समयावधि में किसी न किसी साल महिलाओं के लिए आरक्षित रही है। शेष 12 ब्लाकों की 25 ग्राम पंचायतें इस समयावधि में एक बार भी महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं रहीं। अछनेरा में पनवारी, बरौली अहीर में नौबरी व हिंगोट खेड़िया, बाह में हिंगोट खेड़ा, तारासों, अकोला में उजरई, फतेहाबाद में अई और पलिया कृपाल, बिचपुरी में चाैहटना व सदरबन, जगनेर में धनीना व सिंगरावली, जैतपुर कलां में कचोरा घाट, कूकापुर, नयेपुरा, पहाड़पुर व पई, खंदौली में मलूपुर, खेरागढ़ में दनकशा, सैंया में बसई कलां व पचमोटी, शमशाबाद में सेवला गौरवा, थाप महाद्वारी, पावसर व लहर्रा ग्राम पंचायत महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं रहीं। वर्ष 1995, वर्ष 2000, वर्ष 2005, वर्ष 2010, वर्ष 2015 और वर्ष 2021 में ग्राम सभाओं के साथ ही, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के सदस्य वार्डों का परिसीमन हुआ।

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