हसनपुर (अमरोहा)। बेटी पर भरोसा किया। उसको अंग्रेजी माध्यम की बजाय कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पढ़ाया। बेटी ने भी जिम्मेदारी और मां-बाप की मजबूरियों को समझा। पहले प्रयास में ही एसडीएम बनकर माता-पिता का नाम रोशन कर दिया। यह एसडीएम हैं निधि सागर।
वह विकासखंड गंगेश्वरी के नयागांव तरौली निवासी किसान वीरपाल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मां प्रगति की बेटी हैं। निधि सागर ने वर्ष 2023 में पहले प्रयास में ही पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और एसडीएम बनकर क्षेत्र व परिवार का नाम चमकाया था।
वर्तमान समय में वह गाजीपुर की जमनिया तहसील में उप जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। छोटी बहन आकांक्षा भी बड़ी बहन के साथ रहकर सिविल की तैयारी कर रही है।
जबकि दोनों भाई गुरुवेश बीए फाइनल तथा नितिन इंटर पास कर आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं। पिता वीरपाल बताते हैं कि निधि ने गांव के प्राथमिक विद्यालय से कक्षा पांच तक की पढ़ाई की थी।
कक्षा आठ तक वह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय गंगेश्वरी में पढ़ी। इंटर तक की पढ़ाई बिहारी सिंह कन्या इंटर कालेज रहरा तथा मुरादाबाद से ग्रेजुएशन करके दिल्ली में उन्होंने सिविल की तैयारी की
उन्होंने पहले ही प्रयास में कामयाबी हासिल की। आजकल लोग जब यह कहते हैं कि इनकी बेटी एसडीएम है… सुनकर काफी गर्व होता है। बेटी पर नाज होता है।