मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की तत्परता से मिली नई जिंदगी, 49 घंटे बाद वेंटिलेटर से बाहर आया गंभीर मरीज
इमरजेंसी में तत्काल इंट्यूबेशन के बाद ICU में चला उपचार
हालत में सुधार होने पर NRBM पर किया गया शिफ्ट
कोबरा सांप ने डंस लिया था
चंदौली, 27 अगस्त। बाबा किनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में चिकित्सकों की तत्परता से गंभीर अवस्था में भर्ती मरीज को करीब 49 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट के बाद सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया। मरीज की हालत में सुधार होने के बाद उसे एनआरबीएम (नॉन-रीब्रीदर मास्क) पर रखा गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज की लगातार निगरानी की जा रही है।
ग्राम काटा, थाना सैयदराजा निवासी सुजीत पुत्र रामचंद्र को 25 अगस्त को दोपहर करीब 1:25 बजे गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी विभाग में तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अजय कुमार वर्मा ने तत्काल इंट्यूबेशन किया। इस दौरान ड्यूटी फार्मासिस्ट बीर सिंह और जूनियर रेजिडेंट्स की टीम ने सहयोग किया।
इसके बाद मरीज को 25 अगस्त को दोपहर करीब 2:20 बजे ICU में स्थानांतरित किया गया। ICU प्रभारी डॉ. विवेकानंद तिवारी के निर्देशन में चिकित्सकीय टीम ने उपचार शुरू किया और मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। नर्सिंग टीम की जिम्मेदारी शुभम सिंह पटेल ने संभाली।
अस्पताल के अनुसार मरीज को 25 अगस्त की दोपहर से 27 अगस्त की दोपहर तक वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया। करीब 49 घंटे के उपचार और लगातार निगरानी के बाद मरीज की स्थिति में सुधार के संकेत मिले। इसके बाद 27 अगस्त को दोपहर 2:35 बजे मरीज को वेंटिलेटर से हटाकर एनआरबीएम पर शिफ्ट किया गया।
चिकित्सकीय टीम के प्रयास से गंभीर स्थिति में पहुंचे मरीज को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सका। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गंभीर मरीजों को तत्काल आपातकालीन चिकित्सा, आवश्यक जीवनरक्षक सहायता और ICU सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सक एवं नर्सिंग टीम लगातार तत्परता से कार्य कर रही है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरीज की हालत में सुधार के बाद भी उसकी चिकित्सकीय निगरानी जारी है और डॉक्टरों की टीम उपचार की स्थिति के अनुसार आगे की चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।