चकिया- CM ने किया है घोषणा, मिली है स्वीकृति, नगर में बनेगा 10 करोड़ 33 लाख की लागत से , देर होने व सकरे रास्ते में मालवाहक वाहन न घुसने…….CDO ने किया औचक निरीक्षण, देर होने पर भड़के,18 माह में पूरा करना है
काशीराज संस्कृत महाविद्यालय छात्रावास निर्माण में देरी पर सीडीओ भड़के
मौके पर किया औचक निरीक्षण
18 माह में करना है काम पूरा, सितम्बर में धनराशि हुआ था जारी
रास्ते मे बिजली पोल हटने के बाद भी नहीं जा पा रहा है ट्रैक्टर
चकिया, चंदौली।
काशीराज संस्कृत महाविद्यालय व 100 बेड का बनने वाले छात्रावास के कार्यों में हो रही देरी पर शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य में अपेक्षित प्रगति न पाकर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और 18 माह की समयसीमा के भीतर हर हाल में छात्रावास का निर्माण पूरा होना चाहिए। सीडीओ के सख्त तेवर के बाद विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों ने निर्माण कार्य में तेजी लाने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भदोही और चकिया में काशीराज संस्कृत महाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा के बाद चकिया में लगभग 10 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महाविद्यालय और 100 बेड का छात्रावास बनाया जा रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय के सामने महाविद्यालय और गांधी पार्क के सामने छात्रावास का निर्माण प्रस्तावित है। ठेकेदार द्वारा दोनों स्थानों पर पुरानी जर्जर इमारतों को गिरा दिया गया है, लेकिन छात्रावास स्थल से मलबा हटाने में समस्या आ रही है।
ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया कि जिस गली से ट्रैक्टर या मालवाहक वाहन को मलबा निकालने के लिए प्रवेश देना है, वह अत्यंत संकरी है। साथ ही रास्ते में लगे बिजली के पोल के चलते ट्रैक्टर अंदर नहीं जा पा रहा था। इस पर प्रशासन ने विद्युत विभाग से समन्वय कर बिजली पोल को तत्काल हटवा दिया। इसके बाद भी गली संकरी होने के कारण बड़े वाहन प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं।
सीडीओ ने निर्देश दिया कि काम रोकने का कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा, बड़े वाहनों की जगह छोटे वाहन लगाकर तुरंत कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि एनओसी के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया जाएगा, लेकिन इसके इंतजार में कार्य बंद नहीं रहना चाहिए।
इस दौरान चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी राजेश कुमार, परियोजना निदेशक बीबी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार, खंड विकास अधिकारी विकास सिंह, सभासद केशरी नंदन, प्रधानाचार्य डॉ. नागेंद्र कुमार, निर्माण निगम के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित अवर अभियंता मौजूद रहे







