चकिया: आज से शुरू होगा कौमी एकता का प्रतीक ऐतिहासिक लतीफशाह मेला………. नगर पंचायत 111 वर्ष से चली आ रही परंपरा का करेगी निर्वाहन, मेले की परंपरा पूर्व काशी नरेश उदित नारायण ने ही डाली थी


कर्मनाशा नदी तट पर स्थित बाबा लतीफशाह की पवित्र मजार जनपद की सांस्कृतिक व एतिहासिक धरोहरो में से एक
बाबा लतीफशाह ने कर्मनाशा की तीव्र धारा के उपर से चलकर पार की थी नदी, पेश किया था मिशाल
प्रत्येक वर्ष हरियाली तीज के तीसरे दिन से लगता है मेला, अन्य राज्यों से पहुंचे हैं जायरिन
3 दिवसीय एतिहासिक मेला 8 से
दूसरे दिन नगर पंचायत द्वारा विराट कजरी महोत्सव व तीसरे दिन पोखरे पर कुश्ती
-उमाशंकर मौर्य
चकिया, चंदौली। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हरितालिका तीज के तीसरे दिन चकिया में लगने वाले चार दिवसीय मेले को लेकर चारों तरफ चहल-पहल देखने को मिल रही है, और नगर पंचायत चकिया की ओर से हरितालिका तीज के तीसरे दिन लतीफशाह में बाबा लतीफ शाह व बाबा बनवारी दास की याद में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। उसी क्रम में 8 सितंबर को मेले का शुभारंभ किया जाएगा। जिसमें पूर्वांचल के विभिन्न जिलों समेत बिहार प्रांत के भी कई जनपदों के लोग यहां पहुंचेंगे और आनंद उठाएंगे। उसके अगले दिन चकिया नगर पंचायत द्वारा नगर के उप जिलाधिकारी आवास में विराट कजरी महोत्सव का आयोजन किया जाता है। जिसमें तमाम जनपदों के कलाकार शिरकत करते हैं। वही उसी के अगले दिन चकिया नगर के मां काली मंदिर पोखरा परिसर में विराट कुश्ती दंगल का आयोजन किया जाता है जिसमें की कई जनपदों के पहलवान पहुंचकर जोर आजमाइश भी करते हैं।




