Saturday, September 12, 2026
नई दिल्ली

प्राकृतिक गुफा, यहां मिली श्रीकृष्ण की मूर्ति, अंदर पहुंचे लोग तो आंखों के सामने था हैरान करने वाला नजारा……

वरुणावत पर्वत के शीर्ष पर बसे ज्ञाणजा गांव में दो साधुओं ने मिलकर एक प्राकृतिक गुफा को विकसित किया हैै। इस गुफा में महाभारत कालीन श्रीकृष्ण की मूर्ति मिली है। इसके साथ ही इसके अंदर स्थापित किया हुआ शिवलिंग भी मिला है।

ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग से गुफा के संरक्षण के लिए मांग की है। जिससे कि यह धार्मिक सहित रोमांच पर्यटन का केंद्र बन सके। क्योंकि यह पंचकोसी यात्रा के मुख्य पड़ाव पर स्थित है। भटवाड़ी विकासखंड के ज्ञाणजा गांव के हरुना नामे तोक में जंगलों के बीच स्वामी शंकर महाराज ने करीब 250 मीटर प्राकृतिक गुफा की खोज की।

उन्होंने ग्रामीणों के साथ इस गुफा के अंदर जाकर सर्वे किया। जिसमें गुफा के भीतर महाभारतकालीन श्रीकृष्ण की पत्थर की एक मूर्ति मिली। जिसमें श्रीकृष्ण हाथ में बांसुरी लिए खड़े हैं। वहीं गुफा के अंदर स्थापित किया हुआ शिवलिंग भी मिला है। उसके बाद स्वामी शंकर महाराज ने जोगड़ गांव आश्रम के विपुल स्वामी के साथ मिलकर इस गुफा को विकसित करने का बीड़ा उठाया।

दोनों साधुओं ने गुफा तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां सहित गुफा के मुख को चौड़ा कर वहां पर गेट निर्माण भी किया। वहीं गुफा के अंदर सोलर लाइट भी लगाई गई है। स्वामी विपुल ने बताया कि पुराणों में उल्लेख है कि यह महाभारत काल में महातपा ऋषि की तपस्थली रही थी।

क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुजा नेगी ने कहा कि यह गुफा पंचकोसी यात्रा के मुख्य पड़ाव पर स्थित है। इस संबध में उन्होंने पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन से गुफा के संरक्षण की मांग की है। जिससे कि यह पर्यटन का नया केंद्र बन सके।

क्योंकि यह जनपद मुख्यालय से महज 10 किमी की दूरी पर स्थित है। वहीं उन्होंने गुफा में मिली मूर्ति का पुरातत्व विभाग से संरक्षण की मांग भी की है।

जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान ने बताया कि जिले में केव टूरिज्म के लिए गुफाओं की एक साइट तैयार की जा रही है। जिसमें इस गुफा को भी शामिल किया जाएगा। वहीं गुफा का मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया जाएगा।

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